Kya mobile games se mobile kharab hota hai? जानिए पूरा सच

Kya mobile games se mobile kharab hota hai? जानिए पूरा सच



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क्या मोबाइल गेम से मोबाइल और मोबाइल की बैटरी खराब होती है?


अक्सर हमें ये बोला जाता है कि मोबाइल में गेम खेलने से मोबाइल की बैटरी और परफॉर्मेंस जल्दी खराब होती है। तो आज हम इसी विषय के साथ - साथ कुछ और मिथ के बारे में जानेंगे को अक्सर हमें बताई जाती है जैसे की -

1)क्या मोबाइल गेम से मोबाइल और मोबाइल की बैटरी खराब होती है?

2)क्या बैटरी ओवर चार्ज करने से बैटरी फूल या फट जाती है?

3)क्या मोबाइल की बैटरी 20% हो जाने के बाद मोबाइल की रेडिएशन बढ़ जाति है?


1)क्या मोबाइल गेम से मोबाइल और मोबाइल की बैटरी खराब होती है?

     हमें बचपन से यही बातें बताई जाती है कि मोबाइल में ज्यादा गेम खेलने से मोबाइल की बैटरी खराब हो जाती है मोबाइल हैंग करने लगता है। लेकिन टेक्निकली देखें तो इन बातों का कोई तुक नहीं बनता।

     लेकिन यदि हम इसका रियल लाइफ उदहान देखे कि आप और आपके दोस्त ने एक ही मोबाइल एक ही दिन खरीदे, और आप अपने मोबाइल में बहुत ज्यादा गेम खेल रहे है जबकि आपका दोस्त सिर्फ नॉर्मल इस्तेमाल करता है तो 6-7 महीने बाद आपकी मोबाइल की कैपेसिटी आपके दोस्त के मुकाबले थोड़ी कम हो जाएगी। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आज कल के मोबाइल में को अधिकतर Li-ion या Li-polymer  बैटरी की इस्तेमाल होती है जिसकी एक लिमिटेड चार्जिंग चक्र(cycle) होती है और इसके बाद बैटरी को कैपेसिटी काम होने लगती है। 

      चुकी गेम में अच्छे ग्राफिक होते है जिससे करना मोबाइल को ज्यादा प्रॉसेस करनी पड़ती है जिससे बैटरी जल्दी ख़त्म हो जाती है, जिससे कारण आप मोबाइल को जल्दी जल्दी चार्ज करते है, जिससे बैटरी की चार्जिंग cycle जल्दी पूरा होती है और बैटरी की कैपेसिटी खराब हो जाती है।

     लेकिन येसा बात नहीं है कि सिर्फ़ मोबाइल गेम से ही बैटरी जल्दी खत्म होती है! ऐसा कोई भी काम जिसमे मोबाइल को ज्यादा प्रॉसेस करना पड़े उससे बैटरी जल्दी खत्म होती है फिर चाहे ओ एक साथ मल्टी टास्किंग हो, या वीडियो रिकॉर्डिंग हो सब से बैटरी खत्म होता है।

2)क्या बैटरी ओवर चार्ज करने से बैटरी फूल या फट जाती है?
      ये मिथ बहुत ज्यादा फेमस है और बहुत से लोग आज भी ये मानते है कि मोबाइल को अगर 100% चार्ज होने के बाद अगर नहीं खोलते है तो मोबाइल की बैटरी फट या फूल जाएगी और यही कारण है कि बहुत सारे लोग मोबाइल को 90-95% से ज्यादा चार्ज नहीं करतें है और नहीं रात को मोबाइल चार्ज लगा के सोते है नहीं।

     मोबाइल की बैटरी को फूल जाना ये पहले हुआ करता था जब मोबाइल फोन नई टेक्नोलोजी थी लेकिन समय के साथ इसमें इतनी ज्यादा बदलाव देखने को मिला कि अब ये स्मार्ट फोन बन गए और आज की मोबाइल जो टेक्नॉलाजी इस्तेमाल होती है ओ उतनी ही चार्ज होती है जितनी उनकी कैपेसिटी होती है। हालंकि हमें आज भी कभी कभी मोबाइल फोन फटने की खबर मिल जाति है लेकिन इसका कारण ये नहीं होता कि मोबाइल फोन ज्यादा चार्ज करने से फट गया इनके पीछे कोई और कारण होता है जैसे कि अनब्रांडेड चार्जर का इस्तेमाल करना, अनब्रांडेड बैटरी की को अपने मोबाइल में डाल के इस्तेमाल करना, या फिर अजीबो गरीब एक्सपेरिमेंट करना। लेकिन कई बार कंपनियां सस्ते फोन में पैसा बचाने के लिए कभी कभी आउटडेटेड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर देतें है जो कि कभी खतरनाक हो सकता है। ओवरऑल देखा जाए तो यदि आपके आप एक अच्छी फोन और चार्जर है तो आपको इन सारी बातों का कोई खतरा नहीं है है।


3)क्या मोबाइल की बैटरी 20% हो जाने के बाद मोबाइल की रेडिएशन बढ़ जाति है?
         ये मिथ भी कभी ज्यादा पॉपुलर है की मोबाइल की बैटरी 20% हो जाने के बाद नहीं इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि इसकी रेडिएशन बढ़ जाती है।

अगर ऐसा होता तो कंपनीयां अपने मोबाइल बॉक्स पर बड़े बड़े अछरों में लिख ये बताती की मोबाइल की बैटरी 20% से कम हो जाने के बाद इस्तेमाल ना करे। और यदि आप ये सोच रहें कि कंपनियां आपने मार्केटिंग के लिए ऐसा नहीं करते तो आपको बता दूं कि सरकार ने इस पर एक लिमिट सेट करके रखी है जो कि 1.6kg है। और आगर किसी मोबाइल फोन का रेडिएशन इस लिमिट से पार होती है तो सरकार कंपनी को उस फोन को बेचने की अनुमति नहीं देता है, और इसे ही SAR value बोला जाता है। और आप अपनी मोबाइल कि SAR value को *#07# से चेक कर सकतें है जो कि हमेशा 1.6kg से कम होगा।


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2 comments:

  1. क्या मैं इसमें guest post या फिर अपना post link share कर सकता हूँ?

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