हम इंटरनेट को बहुत अच्छे समझते हैं। इंटरनेट का हमारी जिंदगी में क्या रोल है क्या इंपॉर्टेंस है ये हम अच्छी तरह से जानते है। आज तो ऐसा दौर है कि खाना ना हो तो चलेगा लेकिन इंटरनेट तो चाहिए। ये जरूरत भी है और कुछ केसेस में ये लत भी बैन गई है। तो ये इंटरनेट क्या है, किस तरह से काम करता है, इसकी शुरुआत कैसे और कहां हुई आज हम यही जानेंगे।
इंटरनेट क्या है?
दो या दो से अधिक कंप्यूटर या device को जोड़ना और उससे डाटा(Ex:- Text, photo, files, videos etc) आदान-प्रदान करना ही इंटरनेट कहलाता है। जैसे 1000 km दूर बैठे आपके फैमिली या दोस्त बहुत ही कम समय में आपसे बात कर पाते है ये सब होता है इंटरनेट की मदद से।इसकी शुरुआत कैसे और कहां हुई थी?
1969 में जब इंसान ने पहली बार चांद पर पहुंचा था तब USA के रक्षा कार्यालय ने "advance research project" agency का नियुक्त किया था। जिसमे उन्होंने चार कंप्यूटर को एक दूसरे के साथ जोड़ा था डाटा आदान-प्रदान करने के लिए फिर इसे एक एजेंसी के साथ जोड़ा गया। और धीरे धीरे यह नेटवर्क बढ़ता गया। लेकिन शुरुआत में यह केवल सरकारी कामो में इस्तेमाल किया जाता था। लेकिन धीरे धीरे इसे USA की प्राइवेट कंपनियां भी इस्तेमाल करने लगी और समय के साथ इसे आम लोगो के लिए खोल दिया गया।इंटरनेट का मालिक कौन हैं?
इंटरनेट का कोई मालिक नहीं है ना ही किसी एक एजेंसी या देश का कंट्रोल है। यह पूर्ण रूप से फ्री है। हालांकि इसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कुछ एजेन्सी का गठन किया गया है।भारत में इंटरनेट का आया?
भारत में 15 अगस्त 1996 को BSNL ने इंटरनेट की शुरुआत की थी। बाद में इसमें प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियां जैसे: Airtel, Vodafone, Reliance ने इंटरनेट की सेवाएं देना शुरू किया।इंटरनेट कैसे चलता है?
शुरुआत में इंटरनेट को चलने के लिए सैटेलाइट का इस्तेमाल में लाया जाता था लेकिन इसकी स्पीड बहुत कम थी साथ में डाटा जाने और आने में काफी समय लगता था। लेकिन फिर इसमें Optical fibre Cables जिसकी मदद से आज हम इतनी स्पीड में इंटरनेट का इस्तेमाल कर पा रहें है और आने वाली 5G भी इसी की मदद से चलेगी। दुनिया के 90% इंटरनेट Optical fibre Cables मदद से चलती है। दो देसो को जोड़ने के लिए इसे समुद्र में बिछाई जताई है पूरी दुनिया में लगभग 8 लाख KM ये केबल बिछे हुए है। और ये केबल आपके घर के नजदीकी मोबाइल टॉवर से भी जुड़े होते हैं। आपके मोबाइल का काम बस ये होता है कि बस उस टॉवर तक सिग्नल को भेजना इसके बाद इन केबल के मदद से भेजा जाता है।दुनिया के optical fibre Cables की मैप देखने के लिए यहां क्लिक करें
लेकिन बाकी बचे लगभग 10% इंटरनेट का इस्तेमाल इंटेलिजेंस एजेंसी, आर्मी ये सब करती है जिसमें सैटेलाइट का इस्तेमाल लाया जाता है। चूंकि इसपर लोड कम होते है तो इनमें स्लो इंटरनेट का प्रोबलम नहीं आती है। लेकिन ये जो इंटरनेट है इसे आम आदमी access नहीं कर सकता है।
लेकिन बाकी बचे लगभग 10% इंटरनेट का इस्तेमाल इंटेलिजेंस एजेंसी, आर्मी ये सब करती है जिसमें सैटेलाइट का इस्तेमाल लाया जाता है। चूंकि इसपर लोड कम होते है तो इनमें स्लो इंटरनेट का प्रोबलम नहीं आती है। लेकिन ये जो इंटरनेट है इसे आम आदमी access नहीं कर सकता है।
इंटरनेट का काम करने का तरीका क्या है?
इंटरनेट का काम है computerized information को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाना बिलकुल उसी तरह से जैसे हमारे पोस्ट ऑफिस काम करती है आपकी लिखी गई खत को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाना। लेकिन इंटरनेट में केवल text ही नहीं बल्कि इसमें audio, video, photo सभी तरह के डाक्यूमेंट्स को भेजा जा सकता है।इंटरनेट मानव इतिहास में उन खोजो में से एक थी जिसने इंसानों का जीने का तरीका ही बदल दिया।

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